अरे इतनी नफरत है उसे मुझसे की मैं मर भी जाऊं,
वक्त ने बहुत कुछ सिखाया, पर तुझे भुलाने का हुनर नहीं आया।
मोहब्बत दिल से की थी मगर किस्मत से हारी,
ज़िंदगी की किताब में बस कहानी सूनी रह गई।
तेरी मोहब्बत अधूरी रह गई, पर मेरी तन्हाई पूरी हो गई।
बरसों तक वो रात चले, सदियों दूर सवेरा हो।
वो कहते थे साथ निभाएंगे, पर वादा करके भी निभा ना सके।
और हम बेवकूफ़, उन्हें दुआओं में याद रखते हैं।
तेरी यादें इस दिल को तड़पाती हैं, हर वक्त आंखों में आंसू ले आती हैं।
जिसने कहा था तेरा साथ कभी नहीं छोड़ूंगा, आज वही सबसे पहले छोड़ गया।
यह जीने का तरीका भी अब तकलीफ दे ही रहा है।
दर्द ही सही, पर तेरा एहसास तो है, जो मेरे साथ नहीं, फिर भी मेरे पास तो है।
जो हमने खो दिया, वो तो कभी लौटकर Sad Shayari नहीं आया,
जो मेरे बिना खुश है, मैं उसे परेशान नहीं करता, जो मुझे छोड़ गया, मैं उसे याद नहीं करता।